जीएसटी की टीम ने कोयला ब्यापारी महावीर कोल ग्रुप के कई ठिकानों पर मारा छापा

# Admin | 24 Mar, 2021

जीएसटी की टीम ने कोयला ब्यापारी महावीर कोल ग्रुप के कई ठिकानों पर मारा छापा

मिशन क्रांति न्यूूज. जांजगीर-चाम्पा। (बलौदा) - बिलासपुर शहर के बड़े कोयला ब्यापारी और बिल्डर महावीर कोल ग्रुप के कई ठिकानों में आज जीएसटी की टीम ने छापामार कर करवाई की है। विभाग को मिली जानकारी के अनुसार कि ग्रुप ने बड़े पैमाने पर जीएसटी टेक्स देने में गड़बड़ी की है।

रायपुर स्पेशल इंवेस्टिगेशन विंग जी एस टी ने मंगलवार को महावीर कोल वाशरी प्राइवेट लिमिटेड के तीनो कोल वाशरी बेलमुंडी, गतोरा,यहां छापा मारा। विभागीय सूत्रों की माने तो टीम ने बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त करने की बात जानकारी में आ रही है। महावीर कोल वाशरी जैन परिवार विनोद जैन, विशाल जैन और अंकित जैन का है। जीएसटी की टीम ने भिलाई बलौदा के महावीर कोल वाशरी की संचालित 2 यूनिटों में भी दोपहर दो बजे छापा मारा जानकारी मिली कि इसके अलावा टीम ने तखतपुर के बेलमुण्डी, भनेशर स्थित कोल वाशरी समेत व्यापार बिहार स्थित मुख्य कार्यालय में भी धावा बोला है। जीएसटी कर्मचारी और अधिकारी लगातार फाइल और कोयला खरीदी और बिक्री से संबंधित हिसाब किताब की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं। विभागीय सूत्रों की माने तो जांच पंड़ताल में बडी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। टीम के सदस्य कच्चा और पक्का बिल का हिसाब किताब कर रहे हैं। महावीर कोल वाशरी से जुड़े सभी ठिकानों में जीएसटी की अलग अलग टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। जीएसटी की दस्तावेज खंगालने के अलावा कर्मचारियों और प्रबंधन से जरूरी पूछताछ भी कर रही है। बताया जा रहा है मारे गए पांचों ठिकानों के हिसाब किताब मे समय लग सकता है। जीएसटी टीम को विश्वास है कि कोल वाशरी प्रबंधन ने टैक्स चोरी कर सरकार को करोड़ों रूपयों का नुकसान पहुंचाया है।जबकि अभी पिछले माह फरवरी में ही महावीर कोल वाशरी के एक नए फर्म मेसर्स इन्सपायर इंडस्ट्रीज कोल बेनिफिकेशन के नाम से नया यूनिट लगाने के लिए जनसुनवाई कराई थी। जानकारी के अनुसार महावीर कोल वाशरी का प्रदेश में स्टोन क्रशिंग समेत कोयला खरीदी बिक्री को लेकर बहुत बड़ा नाम है। छापा भी संदेह के दायरे में... छापा भी संदेह के दायरे में लगता है जब एक साथ सभी ठिकानों ने छापा डाला गया वह भी मार्च के अंतिम सप्ताह में जबकि मार्च अंतिम में सभी टेक्स का बुक बनकर तैयार कर भेजा जा चुका होता है।क्योंकि औद्योगिक घराने एडवांस टेक्स अदा करती है ।तो यह छापा किसी शिकायत या बनावटी हो सकती है।जबकि छापे के दौरान छापा टीम के साथ किसी भी तरह की सुरक्षाबल साथ नही थे।क्योंकि जब टेक्स चोरी का मामला है तो सारे दस्तावेज पहले से ही प्राप्त सूचना के आधार पर गायब होने का आशंका है।किसी भी प्रकार से टीम ने अनाधिकृत सामग्री सीज करने की जरूरत नही हुई टीम को विशेष कोई जानकारी मिलने तक रात 10 बजे तक दस्तावेज खंगालती रही है। जब पत्रकारों ने छापा टीम के अधिकारियों से पूछा कि क्या मिला तो उन्होने जानकारी देने के लिए अधिकृत नही होने और रानू साहू कामर्सियल टेक्स कमिश्नर से लेने की बात कहते हुए दो सफेद रंग की बोलेरो से निकल लिए जिसमे वे आये थे।छापा मारने के बाद वाशरी का मौहाल सामान्य नजर आ रहा था।कोई हलचल नही दिखाई दिया जैसा कि वहाँ कुछ हुआ भी नही ।

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