शताब्दी में पहली बार चतुर्योग में रक्षा बंधन, जाने राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

# Admin | 03 Aug, 2020

शताब्दी में पहली बार चतुर्योग में रक्षा बंधन, जाने राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

मिशन क्रांति न्यूज. बिलासपुर। इस साल रक्षा बंधन का 3 अगस्त को सोमवार को है शताब्दी में पहली बार ऐसा संयोग है कि चतुर्योग में रक्षा बंधन है , ध्यान रहे सुबह 9 बजकर 27 मिनट तक भद्राकाल होने से बहन भाई को राखी ना बांधें। इस दिन सुबह साढ़े 7 बजे से 9 बजे तक राहुकाल रहेगा. इन दोनों के होने से रक्षा बंधन सुबह 9 बजकर 28 मिनट के बाद ही मनाना शुभ है.श्रावण पूर्णिमा श्रवण नक्षत्र में मनाई जाती है. श्रवण नक्षत्र प्रातः 7 बजकर 18 मिनट से आरंभ होगा. इस दौरान पूर्णिमा तिथि का संयोग रात 9 बजकर 27 मिनट ही रहेगा. इसके बाद भाद्रपद कृष्ण पक्ष प्रतिपदा आरंभ हो जाएगी. यह एक शून्य तिथि मानी जाती है. इसमें राखी बांधना भी शुभ नहीं माना जाता है. वैसे तो रक्षाबंधन की कई पौराणिक कथाएं हैं, लेकिन इनमें से राजा बलि और मां लक्ष्मी की कथा का बड़ा महत्व है. पौराणिक कथाओं के अनुसार पाताल लोक में राजा बलि के यहां निवासरत देवताओं की मुक्ति के लिए माता लक्ष्मी ने बलि को राखी बांधी थी. राजा बलि अपनी बहन लक्ष्मी जी को भेंट स्वरूप देवताओं को मुक्त करने का वचन दिया था. हालांकि राजा बलि ने ये शर्त भी रखी कि देवताओं को साल के चार महीने इसी तरह कैद में रहना होगा. इस प्रकार समस्त देवता आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से कार्तिक शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी तक पाताल लोक में निवास करते हैं. इस दौरान सांसारिक जीवन के विवाह आदि मांगलिक कार्य निषिद्ध होते हैं. रक्षा बंधन का मुहूर्त शुभ योग : सुबह 9:31 से 10:46 तक अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:00 से 12:53 तक अपराहन मुहूर्त : दोपहर 1:48 से शाम 4:29 तक लाभ मुहूर्त : दोपहर 3:48 से शाम 5:29 तक संध्या अमृत मुहूर्त : शाम 5:29 से 7:10 तक प्रदोष काल : शाम 7:06 से रात 9:14 तक

Banner