ग्राहकों को पक्का बिल की जगह स्टीमेट अथवा नकली बिल थमा, मोटी कमाई कर रहे व्यवसायी

# Admin | 19 Feb, 2024

ग्राहकों को पक्का बिल की जगह स्टीमेट अथवा नकली बिल थमा, मोटी कमाई कर रहे व्यवसायी

🔷 जीएसटी वाली बिल देने से कर रहे साफ इंकार।

🔷 बेरोकटोक मनमाने ढंग से बिक्री कर रहे समान।

🔶 डायमंड शुक्ला 

मिशन क्रांति न्यूज़, जांजगीर - चांपा। ग्राहकों से मोटी कमाई करने, कपड़े,जूते, सोने चांदी साहित अन्य कई सामानो के व्यवसायी आजकल ग्राहकों को पक्का बिल देने से गुरेज कर रहे हैँ और ग्राहकों को बगैर जीएसटी. वाली नकली बिल थमाकर चलता कर दे रहे हैँ वही कुछ जानकार ग्राहकों द्वारा बिल की मांग करने पर समान तक नही बेचने की धमकी दे रहे, और ग्राहकों से बदसलूकी कर नकली बिल थमाने,पुरजोर कोशिश भी करते हैँ। जिससे ग्राहक खुद को ठगा महसूर कर रहे है,

हैरत की बात तो यह है कि ग्राहको से यह खुली लूट का खेल प्रशासन के नाक के नीचे हो रहा है जिससे ना तो प्रशासन को कोई सरोकार है और ना ही संबंधित विभाग के आला अफसरों को इससे कोई सरोकार है, ऐसे में ग्राहकों से व्यवसायी बिल ना देकर मोटी कमाई करने ग्राहकों से पैसे ऐंठ रहे हैँ। मिशन क्रांति न्यूज़ टीम ने सोमवार को ग्राहक बनकर शहर के एक जूता दुकान में ग्राहक बनकर बच्चे की सेंडिल की खरीददारी कर पका बिल मांगा तो , व्यवसायी ने पक्का बिल की जगह इस्टीमेट वाली बिल थमा दी, जिसमे ना तो ग्राहक का नाम उल्लेख है, ना दुकान अथवा फर्म का नाम और ना ही जीएसटी वाली बिल और ना ही व्यवसायी अथवा फर्म के मालिक के हस्ताक्षर, जब व्यवसायी से पक्का बिल मागा गया तो ना नुकुर कर कैशलेस से पक्का बिल देने की बात कही गई , और कैस भुगतान करने पर पक्का बिल देने से इंकार कर समान वापस लौटाने और पैसे वापस करने दुकानदार आमंदा हो गया। दरअसल शहर के अधिकांश दुकानों में व्यवसायी द्वारा ग्राहकों को पक्का बिल नही दिया जा रहा , वाही ग्राहक भी जानकारी के आभाव में पक्का बिल की जगह इस्टीमेट वाली बिल ले रहे है या फिर कुछ ग्राहक बिल ही नही ले रहे, जिसका पुरा फायदा व्यवसायी उठा रहे हैँ यदि बिल के नाम पर हेराफेरी करने वाले ऐसे व्यवसायियों पर सम्बन्धित विभाग के आला अफसर शीघ्र कोई कार्रवाई नाही करेंगे तो व्यापारी अथवा व्यवसाइयो की मनमानी दिन ब दिन बढ़ती जाएगी और ग्राहकों को बेवजह अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी, बहरहाल प्रशासन ऐसे व्यवसायियो पर शीघ्र कार्रवाई करे, जिससे सरकार और ग्राहकों को कोई नुकसान ना हो। -

Banner