मीरा कॉम्प्लेक्स में भजन संध्या और मीरा राठौर स्मृति रजत कारण स्मारिका का होगा विमोचन

# Admin | 13 Apr, 2024

मीरा कॉम्प्लेक्स में भजन संध्या और मीरा राठौर स्मृति रजत कारण स्मारिका का होगा विमोचन

मिशन क्रांति न्यूज़, जांजगीर - चांपा। चैत्र प्रतिपदा नवरात्र प्रारंभ के दिन प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाला पुण्यतिथि इस वर्ष नवरात्रि षष्ठी दिवस को मनाया जाएगा मीरा कॉम्प्लेक्स परिवार ने जानकारी दी है कि जांजगीर के शनिमंदिर ग्रुप द्वारा भजन कीर्तन का कार्यक्रम सम्पन्न किया जाएगा। विगत 22 वर्षों से अनवरत इस परिवार द्वारा मां की पुण्यतिथि पर भजन कीर्तन एवम भंडारा प्रसाद का आयोजन किया जाता है। मीरा कॉम्प्लेक्स परिसर में मीरा देवी की प्रतिमा पर पंडित रामबिलास उपाध्याय गुरु महराज द्वारा मंत्रोच्चार से पूजा अर्चना की जाएगी तत्पश्चात विभिन्न संगठनों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त श्रीमति मीरा राठौर का जन्म 4 जुलाई 1947 को जांजगीर के मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था वे बचपन से ही गीता पाठ करती थीं और ज्योतिष विद्या में पारंगत थीं धार्मिक स्वभाव होने के कारण इनका अत्यधिक समय पूजा पाठ,भजन कीर्तन में बीतता था।ऐसे बिरले होते हैं जिन्हें दुनिया से बिदा लेने का पूर्वाभास हो जाए, इन्हें ज्योतिष विद्या एवम मां दुर्गा की अराधना के कारण ऐसा आभास हो गया था कि मेरी जिन्दगी अब केवल 2 वर्ष बची है जिसका जिक्र कर उन्होंने अपने ज्येष्ठ पुत्र को जिद्द कर उसका विवाह संपन्न कराया ज्येष्ठ पुत्र के विवाह के बाद समय बीतता गया और उन्होंने अपनी मृत्यु के 3 माह पूर्व दिसम्बर 2000 में उन्हीं बातों को याद दिलाया कि नवरात्रि कब है तो बताया गया कि मार्च में नवरात्रि है अभी 3 माह बचा है तब उन्होंने पुनरावृत्ति की अब मेरी जिन्दगी 3 माह ही बची है मुझे नवरात्रि में इस दुनिया से विदा होना है घर के लोग कैसे यकीन करते कि वह कह रही है वह सही हो जाएगा धीरे धीरे स्वास्थ बिगड़ने लगा और अपनी कथानानुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नवरात्र प्रारंभ 26 मार्च 2001 को वह दुनिया से विदा हो गई वास्तव में मां दुर्गा ने उन्हें अपनी शरण में बुला लिया,परिवार का उस समय असहज हो जाना स्वाभाविक था परन्तु उनके कहे शब्दों और उनकी लिखी बातों को उनकी डायरी में पढ़कर लगा कि इसी दिन के लिए वो अपनी यादों ,भावनाओं को सहेज कर रखी थी जिसे प्रथम पुण्यतिथि पर भागवत ज्ञान यज्ञ के साथ मीरा राठौर स्मृति रजत कण स्मारिका का 500 प्रति प्रकाशन कराया गया जिसे उस समय वितरण किया गया उनके डायरी के पन्नों को पढ़ने से प्रतीत होता है कि उनमें देश प्रेम की लालसा ,कृष्ण के भजनों की गाथा और जननी जन्मभूमि से लगाव था मीरा के भजनों का संग्रह और भी ज्ञान की रोचक बातें जो जीवन में प्रत्येक वर्ग के लिए उपयोगी साबित हो ऐसा संकलन था जिसे उनके पुत्र ने सहेजकर रखा और इस 23 वीं पुण्यतिथी पर उसी मीरा राठौर स्मृति रजत कण स्मारिका को पुनः प्रकाशित करने का निर्णय लिया जिसका आज विमोचन किया जाएगा और वितरण किया जाएगा जिससे आने वाली पीढ़ी को सीख मिल सके मीरा कॉम्प्लेक्स परिवार ने नागरिकों से मार्मिक अपील की है कि भजन संध्या में शामिल होकर रजत कण स्मारिका प्राप्त कर उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करें।

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