नैला में स्वर्ण कमल पर विराजित मां दूर्गा की 35 फीट ऊँची मिट्टी की प्रतिमा का आज से दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु

# Admin | 27 Sep, 2022

नैला में स्वर्ण कमल पर विराजित मां दूर्गा की 35 फीट ऊँची मिट्टी की प्रतिमा का आज से दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु

■ अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर बना है भव्य पंडाल।

■  दुर्गोत्सव को लेकर लोगों में खासा उत्साह।

मिशन क्रांति न्यूज. जांजगीर- चाम्पा। नैला में स्वर्ण कमल पर विराजित मां दूर्गा की 35 फीट ऊँची मिट्टी की प्रतिमा का श्रद्धालु आज से दर्शन कर सकेंगे। जिसकी तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। समिति के लोग जोर - शोर से तैयारी में लगे हुए हैं। वही शहर सहित जिलेवासियों में दुर्गोत्सव को लेकर उत्साह बना हुआ है।

यहां यह बताना लाजमी है कि 35 सालों के इतिहास में नैला में पहली बार 35 फीट ऊंची मिट्‌टी की मूर्ति बनाई बनाई जा रही है। जहां मां दूर्गा की प्रतिमा का विसर्जन भी मौके पर ही किया जाएगा और वह पवित्र मिट्‌टी नदी में प्रवाहित कर दी जाएगी। खास बात यह है कि इस मूर्ति को छत्तीसगढ़ के ही कलाकारों द्वारा बनाया जा रहा है। जिसे अक्सर कोलकाता के कलाकार बनाते थे। प्रतिमा को मूर्त रूप देने के लिए दर्जनभर कलाकार पिछले दो माह से लगातार मेहनत कर रहे हैं। वहीं पंडाल को अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर बनाया जा रहा है। तृतीया तिथि यानी बुधवार को भक्त मां के स्वरूप का दर्शन कर सकेंगे।

यहां हर बार पूजा में कुछ ना कुछ विविधता भी रहती है।  हर साल कुछ न कुछ नया किया जाता है। प्रतिमा भी अलग होती है और पंडाल भी हर बार अलग होता है। अब तक समिति द्वारा मिट्‌टी की प्रतिमा नही बनवाई जाती थीं। इस बार मिट्‌टी की प्रतिमा बनाई गई है। मूर्ति बनाने वाले छत्तीसगढ़ के ही भटगांव के प्रदीप देवांगन की टीम है। इसमें थर्मोकोल का काम भी रायगढ़ अशोक पांचाल द्वारा किया जा रहा है। लाइटिंग की व्यवस्था कोलकाता से की गई है। वहीं अक्षरधाम मंदिर की आकृति बनाने का काम कोलकाता के कन्हैया की टीम पिछले डेढ़ माह से कर रही है। पंडाल 1000 स्कवेयर फीट क्षेत्र में बनाया जा रहा है।

सुरक्षा के मद्देनजर 25 सीसी टीवी कैमरे से होगी निगरानी

श्री श्री दुर्गा पूजा उत्सव समिति के राजेश पालीवाल ने बताया कि हर साल नैला में विराजे मां दूर्गा की भव्य प्रतिमा को देखने दूर दराज से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। सुरक्षा के मद्देनजर इस बार 25 सीसी कैमरे लगाए गये हैं इसके अलावा पुलिस सहायता केंद्र भी खोला जाएगा। जहां पुलिस की व्यवस्था होगी। इसके अलावा समिति द्वारा 10 प्राइवेट गार्ड भी रखे गये है। एंबुलेंस व फायर सेफ्टी की भी व्यवस्था रहेगी।

दानदाता खुलकर करतें हैं सहयोग : दान पेटी की राशि होता है खर्च

समिति के राजेश पालीवाल ने बताया कि इस उत्सव के लिए दानदाता स्वस्फुर्त दान करते हैं। यह उत्सव पूरी तरह से लोगों के सहयोग पर होता है। उनहोंने बताया कि कुछ सदस्यों द्वारा सहयोग किया जाता है। इसके अलावा सवामनी भी चढ़ाई जाती है। उससे भी सहयोग मिलता है। साथ ही यहां दर्शन के लिए आने वाले भक्तों द्वारा दान पेटी में जो दान किया जाता है।

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